
उत्तराखंड सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में कर्मचारियों और न्यायिक ढांचे से जुड़े फैसलों को खास महत्व दिया गया।
करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें उपनल कार्मिकों और न्यायालयों से जुड़े निर्णय प्रमुख रहे।
कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए वर्ष 2015 से पहले नियुक्त किए गए उपनल कार्मिकों को समान कार्य के बदले समान वेतन देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 7000 उपनल कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर अब अंतिम निर्णय लिया गया है।
पहले एक्स-सर्विसमैन को मिलेगी प्राथमिकता
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपनल के तहत नियुक्तियों में पूर्व सैनिकों (एक्स-सर्विसमैन) को पहले की तरह प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि उपनल की मूल भावना के तहत पूर्व सैनिकों के हित सुरक्षित रहेंगे।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 4 जिलों में 6 विशेष न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दी है। इन न्यायालयों के संचालन के लिए 7 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) और 9 एसीजेएम (ACJM) के पद सृजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना है।
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत और सौरभ बहुगुणा बैठक में मौजूद रहे। सभी मंत्रियों ने प्रस्तावों पर चर्चा में हिस्सा लिया।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य इस कैबिनेट बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। उन्होंने भी प्रस्तावों पर अपनी बात रखी।







