
किच्छा एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा देने की मांग तेज
सांसद अजय भट्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा पत्र, पर्वतीय व सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बताया जरूरी
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं नैनीताल–उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट कर किच्छा (उधम सिंह नगर) में निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा दिए जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र सौंपते हुए क्षेत्र की गंभीर स्वास्थ्य आवश्यकताओं से अवगत कराया।
अजय भट्ट ने पत्र में उल्लेख किया कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राज्य को विशेष दर्जा प्राप्त है। पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में निवास करने वाली बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की नितांत आवश्यकता है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण आज भी लोगों को गंभीर उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा जैसे सुदूर पर्वतीय जिलों से किच्छा पहुंचने में 12 से 15 घंटे तक का समय लग जाता है। इसी तरह नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों और चीन सीमा से लगे इलाकों से आने वाले मरीजों को 16 घंटे या उससे अधिक का सफर तय करना पड़ता है। कई मामलों में मरीजों को उपचार के लिए बरेली, मुरादाबाद, देहरादून या दिल्ली रेफर किया जाता है, जिससे कुल यात्रा समय 21 से 22 घंटे तक पहुंच जाता है।
लंबी और कठिन पहाड़ी यात्राओं के कारण कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। आदि कैलाश, गुंजी, कुट्टी, नाभीढांग, गर्ब्यांग, जोलिंगकोंग, छियालेख और पांगला जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
अजय भट्ट ने कहा कि किच्छा स्थित एम्स सैटेलाइट सेंटर केवल उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर जैसे जिलों की बड़ी आबादी के लिए भी बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि किच्छा एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स के रूप में विकसित किया जाता है, तो उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों लोगों को अपने ही क्षेत्र में उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी तथा उन्हें दूर-दराज के महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
जनभावनाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए किच्छा (उधम सिंह नगर) में निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक बताया गया है।









