
हल्द्वानी:राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के वरिष्ठ ईएनटी सर्जन एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अचिन पंत ने एक बार फिर अपनी चिकित्सा कुशलता का लोहा मनवाया है। चम्पावत निवासी 55 वर्षीय शकुन्तला देवी के गले में खतरनाक तरीके से फंसी हड्डी को सफल ऑपरेशन के जरिए निकालकर डॉ. पंत और उनकी टीम ने मरीज की जान बचा ली।
डॉ. अचिन पंत के अनुसार, 12 जनवरी की रात करीब 9 बजे शकुन्तला देवी ने भोजन में चिकन खाया था। इसके अगले दिन उनके गले में तेज दर्द और सूजन शुरू हो गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल चम्पावत लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे जांच में गले अथवा छाती में किसी बाहरी वस्तु के फंसे होने की आशंका सामने आई।
मरीज की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। 14 जनवरी की रात 9:30 बजे मरीज अस्पताल पहुंचीं और तत्काल नाक, कान एवं गला विभाग में भर्ती की गईं।
सीटी स्कैन जांच में मरीज के गले में हड्डी फंसी होने की स्पष्ट पुष्टि हुई, जिसके बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। 15 जनवरी को डॉ. अचिन पंत ने अपनी अनुभवी टीम के साथ जटिल सर्जरी को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान मरीज के गले से मांस का टुकड़ा और गहराई तक फंसी हड्डी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया।
सफल सर्जरी के बाद शकुन्तला देवी को पूरी तरह स्वस्थ हालत में वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार अब मरीज खतरे से बाहर है और तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रही है।
इस ऑपरेशन में डॉ. अचिन पंत के साथ डॉ. कृति, डॉ. सुमित, एनेस्थीसिया विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. आशीष सहित पूरी मेडिकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लगातार हो रही ऐसी सफल सर्जरी सुशीला तिवारी अस्पताल को चिकित्सा उत्कृष्टता का केंद्र बना रही हैं। डॉ. अचिन पंत का समर्पण और अनुभव आमजन के लिए भरोसे की मिसाल बनता जा रहा है।








