
बाजपुर के जंगल में वन तस्करों से मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में तस्कर फरार, खैर की लकड़ी और तीन बाइकें जब्त।
दर्पण न्यूज 24/7 बाजपुर। तराई के जंगलों में वन तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण शनिवार सुबह बरहैनी वन क्षेत्र में देखने को मिला, जहां वन तस्करों और वन विभाग की संयुक्त टीम के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। तस्करों द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में वन कर्मियों को भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। कार्रवाई के बाद मौके से भारी मात्रा में खैर की लकड़ी और तस्करी में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जबकि मुख्य आरोपी सहित पांच तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।
बरहैनी वन क्षेत्र के रेंजर केएस माहरा ने बताया कि तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के वनाधिकारी उमेश चंद्र तिवारी के दिशा-निर्देशन तथा उप प्रभागीय वनाधिकारी मनिंदर कौर के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही थी। शनिवार प्रातः गश्त के दौरान टीम का सामना खैर की लकड़ी की तस्करी में संलिप्त एक संगठित गिरोह से हो गया।
वन कर्मियों को देखते ही तस्करों में हड़कंप मच गया और वे भागने लगे। इसी दौरान तस्करों ने वन टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। जवाब में वन विभाग की टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। गोलीबारी के बीच मुख्य अभियुक्त दलजीत उर्फ डल्लू पुत्र चरण सिंह, निवासी हरसान डैडकोल थापांगला तथा उसके चार अन्य साथी अंधेरे और घने जंगल का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहे।
मुठभेड़ के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और अस्कोट गांव में छापेमारी कर अवैध रूप से काटी गई खैर की लकड़ी बरामद की। इस दौरान कुल 20 नग खैर के प्रकाष्ठ और तस्करी में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलों को जब्त किया गया।
वन विभाग ने मुख्य आरोपी दलजीत उर्फ डल्लू और चार अन्य अज्ञात तस्करों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26, 41, 42 और 52 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस संयुक्त अभियान में वन क्षेत्राधिकारी कृष्ण सिंह मेहरा, पूरन चंद्र जोशी (पीपलमड़ाव), जगदीश चंद्र जोशी (गदगदिया), विशेष अभियान समूह तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर, वन दरोगा ठाकुर दत्त ध्यानी, वन रक्षक आदित्य सिंह, अनिल थायत, विवेक गोस्वामी, सागर पाल, रोपण रक्षक रितिक चौहान, बीट सहायक नीरज रौतेला, रोपण रक्षक जगमोहन सिंह, जसवंत सिंह सहित अन्य वन कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि जंगलों में अवैध कटान और तस्करी पर नकेल कसने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।








