वन पंचायत की जमीन पर बिल्डरों का कब्जा ध्वस्त, प्रशासन का बुलडोज़र एक्शन — सरपंच सस्पेंड, एफ आई आर के आदेश!

वन पंचायत की जमीन पर बिल्डरों का कब्जा ध्वस्त

नैनीताल। पहाड़ों की संवेदनशील भूमि पर भूमाफियाओं की बढ़ती नजरों के बीच प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। ग्राम मनाघेर वन पंचायत सुंदरखाल में बिल्डरों द्वारा वन पंचायत की जमीन पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया।

उपजिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके पर पाया कि बिल्डर्स द्वारा वन पंचायत की भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण कराया जा रहा था। प्रशासन ने बिना देर किए कार्रवाई करते हुए न सिर्फ अतिक्रमण को ध्वस्त कराया, बल्कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त भी कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए वन पंचायत सुंदरखाल के सरपंच को वन पंचायत अधिनियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं राजस्व उपनिरीक्षक को पूरे प्रकरण में विस्तृत जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित बिल्डर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी मौके पर ही जारी कर दिए गए।

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार मनीषा बिष्ट, राजस्व निरीक्षक प्रवीण ह्यांकि, नारायण वर्मा, उपनिरीक्षक निर्मल बोरा और वन विभाग के पूरण मेलकानी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि पहाड़ों की जमीन को खुर्द-बुर्द करने वाले भूमाफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी और वन पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ  इसी तरह सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा

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