

नैनीताल में साल की पहली बर्फबारी महज हिमकण और फाहें गिरने तक ही सीमित रही। मौसम सामान्य होने और बर्फबारी न होने से लोगों के साथ पर्यटकों में मायूसी रही। हालांकि सर्द हवाओं के बीच ठंड जारी है।
नैनीताल में इस साल न तो दिसंबर में बारिश और बर्फबारी हुई और न ही जनवरी में हिमपात के दर्शन हो सके। वर्षभर में सबसे अधिक ठंड रहने वाले दो माह में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से सूखी ठंड ने जरूर कहर बरपाया। लेकिन बीते गुरुवार सुबह नैना पीक की पहाड़ी में हल्की बर्फबारी ने जरूर दस्तक दी। यहां हिमकण गिरने के बाद कुछ देर के लिए बर्फ की फाहें गिरी। इससे अनुमान लगाया जा रहा था, कि जल्द ही शहर के निचले हिस्सों में भी बर्फबारी देखने को मिलेगी। लेकिन शुक्रवार सुबह से ही चटख धूप खिलने से लोगों के साथ यहां पहुंचे पर्यटकों में मायूसी लौट आई। हालांकि सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन जस की तस है। पहाड़ों में जलवायु परिवर्तन के चलते लगातार सर्दियों की बारिश एवं बर्फबारी में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में अब भी लोगों में बारिश और बर्फबारी की उम्मीद बनी है।








