

9 फरवरी को बिहार के रहने वाले प्रकाश का शव हिंसा प्रभावित इलाके में मिला था, उस समय प्रकाश की मौत को हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा था लेकिन एक हल्द्वानी हिंसा के एक हफ्ते बाद मामला कुछ और ही निकला, मृतक प्रकाश की मौत दंगे में नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई थी, हत्या में उत्तराखंड पुलिस का जवान समेत अन्य तीन लोग शामिल थे, इस पूरे मामले का एसएसपी नैनीताल ने आज खुलासा किया, प्रकाश की मौत दंगे में नहीं हुई थी उसकी हत्या चोरगलिया थाने में तैनात पुलिस के एक जवान और उसके अन्य तीन साथियों ने की थी, बताया जा रहा है कि प्रकाश का पुलिस के जवान की पत्नी के साथ अवैध संबंध था जिससे वह ब्लैकमेल कर रहा था और पैसे की डिमांड भी कर रहा था, ऐसे में पुलिस के जवान ने दंगे की आड़ में प्रकाश को ठिकाने लगा दिया और उसके शव को हिंसा प्रभावित क्षेत्र बनभूलपुरा में लाकर छोड़ दियाl
बताया जा रहा है कि प्रकाश कुमार को गोल बार बुलाया गया जहां उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसे दंगे में मौत दिखाने के लिए यहां लाया गया । तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि पुलिस कांस्टेबल की पत्नी फरार है।
वहीं एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि बनभूलपुरा हिंसा के पांच और दंगाइयों को पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है। अब तक पुलिस 42 दंगाइयों को गिरफ्तार कर चुकी है जिसे दर्जनों अवैध असली और गोलियां व कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हल्द्वानी दंगों के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक और उसके बेटे के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है।









