
लालकुआं/बिंदुखत्ता। वर्षों से लंबित राजस्व गांव के दर्जे की मांग आज बिंदुखत्ता की सड़कों पर जनसैलाब बनकर दिखाई दी। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित महा रैली ने सुबह से ही स्पष्ट कर दिया कि अब यह मुद्दा सिर्फ ज्ञापन तक सीमित नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
सुबह 10 बजे से पहले ही क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों और पैदल जुलूस के रूप में जनता इंटर कॉलेज, जड़ सेक्टर मैदान पहुंचने लगे। देखते ही देखते मैदान खचाखच भर गया और माहौल जोश, नारों और संकल्प से भर उठा। शुरुआती भीड़ ने ही संकेत दे दिया कि यह आंदोलन निर्णायक दिशा में बढ़ रहा है।
बिंदुखत्ता के कोने-कोने से पहुंचे लोगों ने एक स्वर में राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग दोहराई। मंच से गूंजते क्रांतिकारी और देशभक्ति गीतों ने आंदोलन को भावनात्मक धार दी। ‘भारत माता की जय’ और ‘बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाओ’ के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। “ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के” जैसे गीतों पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग उत्साह से झूमते नजर आए









