
मामले के अनुसार, 27 जून 2026 को हैदर अली (पुत्र मखदूम अली), जो वर्तमान में छोटा कब्रिस्तान बड़ी मस्जिद क्षेत्र के निवासी हैं, ने कोतवाली रामनगर में एक लिखित तहरीर दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अयूब अंसारी (पुत्र याकूब अंसारी, निवासी खाताड़ी, रामनगर) और अतीकुर्रहमान उर्फ अंसारी (पुत्र नसीम मुल्लाह सेठ, निवासी ठाकुरद्वारा) ने उन्हें विदेश भेजने का झांसा दिया।
आरोपियों ने हैदर अली को सुनहरे सपने दिखाए और काम के बदले उनसे 1,33,000 रुपये की ठगी कर ली। पैसे लेने के बाद जब आरोपियों ने न तो उन्हें विदेश भेजा और न ही पैसे वापस किए, तब पीड़ित ने कानून की शरण ली।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
हैदर अली की शिकायत के आधार पर कोतवाली रामनगर में भारतीय दंड विधान की धारा 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना के बाद से ही दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहे थे।
सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस नैनीताल, डॉक्टर मंजुनाथ टीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए थे।
सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस सिटी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी रामनगर सुमित पांडे के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रामनगर सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
अतीकुर्रहमान उर्फ अंसारी गिरफ्तार
लगातार प्रयासों के बाद 1 फरवरी, दो हजार छब्बीस को वांछित आरोपी अतीकुर्रहमान उर्फ अंसारी पुत्र नसीम मुल्लाह सेठ, निवासी ग्राम सरखड़ा परमपुर माफी ठाकुरद्वारा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा अन्य वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक तारा सिंह राणा तथा कांस्टेबल विपिन शर्मा शामिल रहे।
रामनगर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि विदेश जाने या नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को नकद धनराशि न दें। किसी भी एजेंट की सत्यता की जांच करने के बाद ही कोई लेनदेन करें।









