कागज़ों में बना पार्क, फाइलों में हुआ सौंदर्यीकरण! उत्तराखंड में विकास पर बड़े सवाल

रुड़की की झबरेड़ा के भगतोवाली गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर विकास कार्यों के नाम पर हो रहे भष्ट्राचार को उजागर कर दिया। यहां पर सरकारी कामों की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल आरोप ये है कि जो अंबेडकर पार्क सिर्फ कागजों में बना उसी के सौंदर्गीकरण के नाम पर सरकारी धन का खर्चा दिखाया गया है। जब पार्क ही नहीं है तो पैसों से किस का सौंदर्गीकरण किया गया।

 

रूड़की में कागज़ों में बने पार्क का हो गया सौंदर्यीकरण!

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि ये अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत है। मामला सामने आया तो सूचना वाला बोर्ड भी हटवा दिया गया। मुख्यमंत्री पोर्टल से अब ये शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। लेकिन अभी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

 

भगतोवाली गांव निवासी एडवोकेट निशु कुमार ने आरोप लगाया है कि गांव में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क नहीं बना है। इसके बाद भी राज्य वित्त योजना के अंतर्गत पार्क के सौंदर्याकरण का बोर्ड लगा दिया गया।

 

गांव में नहीं बना अंबेडकर पार्क

इस बोर्ड पर ब्लॉक प्रमुख का नाम, प्रस्तावक के रूप में बीडीसी और ग्राम प्रधान का नाम भी लिखा है। शिकायतकर्ता ने कहा कि यहां पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जब इसपर ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बोर्ड गलती से लगाया गया था। इसके बाद तुरंत ही जल्दबाजी में बोर्ड भी वहां से हटा दिया गया। जिसकी वीडियो होने का शिकायतकर्ता दावा भी कर रहे हैं।

 

मामले को लेकर दायर की अपील, एक जुलाई को सुनवाई

निशु कुमार ने जब सूचना के अधिकार के तहत इस पूरे मामले की जानकारी मांगी तो उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसको लेकर उन्होंने प्रथम अपील दायर की है। एक जुलाई को जिसकी सुनवाई होनी है। फिलहाल इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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