
हल्द्वानी। मध्य एशिया में जारी तनाव के मद्देनजर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कमी (शॉर्टेज) को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं। शासन/प्रशासन ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
सरकार के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव, डीजीपी, और गृह सचिव महोदय द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और आपूर्ति अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपूर्ण उत्तराखंड में 2-3 हफ्तों से अधिक का एलपीजी स्टॉक पहले से मौजूद है।
ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सहित विभिन्न जनपदों में स्थित लार्ज स्केल बॉटलिंग प्लांट्स में निरंतर उत्पादन जारी है। उत्तराखंड न केवल अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि अन्य राज्यों को भी आपूर्ति कर रहा है।
भय का माहौल पैदा करने वाले और इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाने वाले डीलर्स/एजेंसियों के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ० मंजूनाथ टीसी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और सख्त संदेश दिए है ।
यदि कोई डीलर या डिस्ट्रीब्यूटर ब्लैक मार्केटिंग, होर्डिंग (जमाखोरी) या डाइवर्जन में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर EC एक्ट (आवश्यक वस्तु अधिनियम) और BNS/BNSS की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी।
ओवररेटिंग या कालाबाजारी करने वाली एजेंसियों के संचालकों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनकी डीलरशिप रद्द करने की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी। ईंधन के ट्रकों और टैंकरों को क्षति पहुँचाने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध आवश्यक बल प्रयोग और कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। तस्करों और संदिग्ध चालकों पर पुलिस की पैनी नजर है।
थानों और सर्कल स्तर पर QRT (Quick Response Teams) का गठन किया गया है, जिसमें तहसीलदार, एसडीएम और सीओ शामिल हैं। ये टीमें सभी गैस एजेंसियों का जायजा लेंगी। साथ ही, आपूर्ति अधिकारी निरंतर HPCL, IOCL और BPCL के संपर्क में रहकर स्टॉक की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जनपद में पुलिस/प्रशासन की टीमों द्वारा चप्पे चप्पे पर सघन चेकिंग की जा रही है।








