उत्तराखंड उच्च न्यायालय बैल बसनी हो सकता है शिफ्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट की नैनीताल से शिफ्टिंग के संबंध में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक की है। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश के सामने चिह्नित की गईं राजस्व भूमि का ब्योरा रखा गया। इसमें राजस्व भूमि का सबसे बड़ा हिस्सा हल्द्वानी के बसानी क्षेत्र में चिह्नित किया गया है।
शासन की ओर से प्रमुख सचिव राजस्व आरके सुधांशु और सचिव लोनिवि डॉ.पंकज पांडेय सोमवार को उच्च न्यायालय सभागार में हुई इस बैठक में शामिल हुए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रितु बाहरी एवं अन्य न्यायाधीशों के साथ चिह्नित की गई राजस्व भूमि के संबंध में चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार, बैठक में सचिव ने बताया कि शासन और प्रशासन स्तर से कई जगह पर राजस्व भूमि चिह्नित की है। लेकिन यह भूमि आवश्यकता के अनुसार काफी कम है और टुकड़ों में बंटी हुई है। शासन के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि राजस्व भूमि का सबसे बड़ा हिस्सा हल्द्वानी के बसानी इलाके में मिला है। लेकिन यह जमीन भी वन भूमि से घिरी है। फिलहाल इस इलाके का सर्वे किया जा रहा है। नैनीताल से पटवाडांगर होते हुए बसानी तक हाल ही में 35 किमी लंबी नई सड़क भी तैयार हुई है। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने न्यायालय सभागार में हाईकोर्ट शिफ्टिंग के लिए भूमि के संबंध में बैठक के आयोजन की पुष्टि की है।

इससे पहले हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में जो भूमि हाईकोर्ट की शिफ्टिंग को चिह्नित की थी, उसमें वन भूमि का पेंच फंस गया था। इसके बाद सचिव लोनिवि डॉ. पांडेय ने डीएम को पत्र लिखकर अन्यत्र राजस्व भूमि चिह्नित के निर्देश पिछले दिनों दिए । हाईकोर्ट शिफ्टिंग के लिए अनुमानित करीब 26 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, जबकि अब तक सबसे बड़ी राजस्व जमीन करीब 10 हेक्टेयर की ही चिह्नित हुई है।

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