

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बुधवार को जारी एक अभियान के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ में सेना के एक कैप्टन शहीद हो गए। माना जा रहा है कि मुठभेड़ में चार आतंकवादी भी मारे गए हैं. कैप्टन दीपक भारतीय सेना के 48 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे. जानकारी के अनुसार कैप्टन दीपक एक बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी भी थे. कई मौकों पर उन्होंने शानदार खेल दिखाया था। कैप्टन दीपक का परिवार दून के रेसकोर्स में रहता है। कैप्टन दीपक 13 जून 2020 को सेना में कमीशन हुए थे। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दून लाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार कैप्टन दीपक क्विक रिएक्शन टीम का नेतृत्व कर रहे थे. गौरतलब है कि हाल के दिनों में जम्मू कश्मीर में एक के बाद एक कई आतंकी घटनाएं हुई है. मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले 25 साल के कैप्टन दीपक का शव गुरुवार को देहरादून लाया जाएगा. उनका परिवार दून के रेसकॉर्स में रहता है।रक्षाबंधन से पहले बहनें अभी राखियां चुन ही रहीं थीं कि लाडले भाई के बलिदान होने की खबर ने उन्हें तोड़कर रख दिया। पिता महेश सिंह पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं तो पूरा पुलिस परिवार शोक में डूबा है। आस-पड़ोस का हर व्यक्ति कैप्टन दीपक सिंह की यादों में डूबकर आंसू बहा रहा है।कैप्टन दीपक सिंह के घर बीते चार महीनों से खुशियों का माहौल था। चार महीने पहले उनकी एक बहन की शादी हुई थी। शादी में शामिल होने के लिए भाई दीपक सिंह भी देहरादून आए थे।
अधिकारियों ने बताया कि शिवगढ़-अस्सार पट्टी में छिपे विदेशी आतंकवादियों की तलाश में सुरक्षाबलों और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया और इस दौरान घने जंगल वाले इलाके में उनके बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कैप्टन दीपक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए जिसके बाद उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।









