
हल्द्वानी। शहर से सोशल मीडिया के जरिए मानसिक उत्पीड़न और साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने आपसी रंजिश के चलते अपनी ही जेठानी और उनकी नाबालिग बेटी (भतीजी) के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बना डाले। इसके बाद आरोपी महिला ने उन फर्जी आईडी पर पीड़िता और उसकी बेटी की वास्तविक तस्वीरें व वीडियो अपलोड कर दिए और उनके बैकग्राउंड में अश्लील गाने व आपत्तिजनक टिप्पणियां जोड़कर पोस्ट कर दिए।
इस घिनौनी हरकत से आहत होकर जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि गाजियाबाद में रहने वाली देवरानी और उसकी सास ने पीड़िता को फोन पर जान से मारने तथा सड़क दुर्घटना (एक्सीडेंट) करवाने की गंभीर धमकियां दीं। पीड़िता ने बताया कि विवाद सिर्फ डिजिटल दुनिया तक ही सीमित नहीं था, बल्कि आरोपी देवरानी ने इसी साल 3 जनवरी को उनके घर में घुसकर ईंट से हमला कर लहूलुहान करने की कोशिश भी की थी।
इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता सबसे पहले शिकायत लेकर महिला थाने पहुंची थी। हालांकि, पुलिस ने इस गंभीर साइबर अपराध को महज एक ‘पारिवारिक कलह’ समझकर शिकायत दर्ज करने से साफ मना कर दिया। पुलिस के इस रवैए से निराश होकर पीड़िता ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस की लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई और तुरंत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कोर्ट के कड़े रुख के बाद हरकत में आई हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हल्द्वानी कोतवाली प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि अदालत के आदेश पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स जैसे डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है।









