
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी की जाए। सरकार का प्रयास है कि इन खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्तियां दी जा सकें ताकि वे राज्य की खेल प्रतिभाओं को तराशने में मदद कर सकें। अब तक राज्य के 29 मेडल विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप ही उत्तराखंड की नई खेल नीति तैयार की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हल्द्वानी के गोलापार में बन रहे उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में आगामी महीने से ही शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने के आदेश दिए। इस विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया, कोच और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। यह देश का 10वां और उत्तराखंड का पहला राज्य खेल विश्वविद्यालय है, जहां आधुनिक खेल बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।
बैठक में बुनियादी ढांचे के रख-रखाव के लिए एक बेहतर लेगेसी प्लान बनाने पर जोर दिया गया। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, रुद्रपुर वेलोड्रोम और टिहरी झील जैसी जगहों पर विकसित सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। इसके अलावा, आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की तैयारियों के मद्देनजर खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और खेल संघों के माध्यम से प्रतिभाओं को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में ‘एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत अब तक 48 मिनी स्टेडियम बनाए जा चुके हैं, जबकि 10 पर काम जारी है। वहीं लोहाघाट में भारत का पहला महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज भी तेजी से आकार ले रहा है। धामी सरकार का लक्ष्य हर जिले को ‘एक जिला एक स्पोर्ट्स’ (ODOS) के तहत खेल नर्सरी के रूप में विकसित करना है। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या और खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









