
देहरादून/हल्द्वानी। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मंच शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मामले के विरोध में कांग्रेस ने हल्द्वानी में मौन प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और खटीमा विधायक भुवन कापड़ी समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर मौन रहकर अपना विरोध जताया। नेताओं ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की घटना सामाजिक सौहार्द के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस ने सरकार से कार्रवाई की मांग की
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मतभेदों को ऐसे मामलों के जरिए बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। पार्टी ने सरकार से पूरे मामले में स्पष्ट और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की।
कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि मामले को लेकर पार्टी आगे भी अपना विरोध जारी रखेगी। पार्टी के अनुसार सोमवार को डीजीपी मुख्यालय के बाहर उपवास और प्रदर्शन किया जाएगा।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर उठाए सवाल
मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाना गंभीर विषय है और इसके लिए ठोस आधार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की जा रही है तो इसके लिए कानूनी आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस पर मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों को उठाती है…जबकि भाजपा इस मामले को लेकर राजनीति कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों से समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द पर असर पड़ सकता है। फिलहाल मंच शुद्धिकरण का मामला दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है।









