राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड को मिली ऐतिहासिक सौगात ,हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास, पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ ,मुख्यमंत्री धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने गौलापार में किया भूमि पूजन

खेल विश्वविद्यालय,

हल्द्वानी, 29 अगस्त। राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के पावन अवसर पर उत्तराखंड के खेल परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में आयोजित भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह के दौरान राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का विधिवत शिलान्यास एवं भूमि पूजन संपन्न हुआ। इसके साथ ही लगभग 150 विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी विधिवत शुभारंभ कर दिया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा विशिष्ट अतिथि खेल मंत्री रेखा आर्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं और उनके करियर को स्वर दें और खेल को निखारने में सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि गौलापार की इस पावन भूमि की मिट्टी उठाकर जब मैंने माथे से लगाई थी, तब वह केवल मिट्टी का कण नहीं, बल्कि राज्य के हर खिलाड़ी का स्वाभिमान और हर माँ का सपना था। आज शिव की कृपा और मुख्यमंत्री धामी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से यह महातीर्थ धरातल पर आकार ले रहा है।

खेल मंत्री ने कहा कि अब हमारे युवाओं को उच्चस्तरीय कोचिंग, खेल विज्ञान (स्पोर्ट्स साइंस), स्पोर्ट्स मेडिसिन और इंजरी रिकवरी के लिए दिल्ली या विदेशों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मंच दे दिया है, अब खिलाड़ी पसीना बहाकर दुनिया में तिरंगा फहराएं।

संवाद कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री ने ‘बैचलर इन स्पोर्ट्स साइंस’, ‘बैचलर इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट’ और ‘डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग’ के विद्यार्थियों से सीधे प्रश्न पूछे और उनके सुझाव व विचार जाने। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आधुनिक दौर में खेल केवल मैदान पर दौड़ने-खेलने तक सीमित नहीं रह गया है। बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, इंजरी प्रिवेंशन और स्पोर्ट्स मार्केटिंग जैसे विषय आज खेल जगत की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रम खिलाड़ियों के प्रदर्शन को वैज्ञानिक आधार देंगे और राज्य में खेल प्रशासन को पेशेवर बनाएंगे।

 

सम्बंधित खबरें