

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। आज बुधवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को पेश किया। जिसके बाद राज्यसभा में यह विधेयक कल गुरुवार को पेश किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश किया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया। भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है। यह बिल के जरिए वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को कानूनी दायरे में लाए जाने का प्रस्ताव है। जिसके बाद इस विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया है। वहीं सरकार इसे पारित कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इसे असंवैधानिक बता रहा है। संशोधित बिल को कैबिनेट ने पहले ही मंजूरी मिल गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले संसदीय समिति (जेपीसी) में कुल 44 संशोधन पेश किए गए, जिसमें करीब 14 संशोधन जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली जेपीसी ने स्वीकार किए।
वक्फ का अर्थ
रिपोर्ट्स के मुताबिक वक्फ बोर्ड अधिनियम-1954 में वक्फ बोर्ड को असीमित शक्तियां नहीं दी गई थीं। जिसमें 1995 में नरसिंह सरकार व 2013 में यूपीए सरकार में बोर्ड को असीमित शक्तियां दी गईं। अधिनियम में संशोधन किया गया कि बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा कर दे तो यह उसकी संपत्ति मानी जाएगी। वक्फ अरबी भाषा का शब्द है। इसका मतलब है खुदा के नाम पर अर्पित वस्तु या परोपकार के लिए दिया गया धन। इसके दायरे में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां आती हैं। कोई भी मुस्लिम व्यक्ति पैसा, जमीन, मकान या कोई और कीमती चीज वक्फ को दान कर सकता है। इन संपत्तियों के रख-रखाव और उनका प्रबंधन करने के लिए स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक वक्फ निकाय हैं। वक्फ को दान में मिलने वाली जमीन, धन, मकान या फिर अन्य चीजों की देख रेख के लिए उनका खास प्रबंधन है। यह प्रबंधन राष्ट्र से लेकर स्थानीय दोनों स्तर पर होता है। वक्फ निकाय इन सभी दान चीजों का ध्यान रखता है।
