
देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को मौसम ने अचानक भयानक करवट ले ली है। प्रदेश के छह जिलों— चंपावत, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून और पौड़ी में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच चार जिलों (चंपावत, पिथौरागढ़, देहरादून और बागेश्वर) में भीषण ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। वहीं, प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी में बारिश और ओलों से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
पिथौरागढ़ जिले में ओलावृष्टि का सबसे खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहाँ अंडे के आकार के बड़े-बड़े ओले गिरे। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कुछ ओलों का वजन 200 से 250 ग्राम तक दर्ज किया गया। ओलों की रफ्तार और मार इतनी तेज थी कि कई घरों के बाहर रखी प्लास्टिक की कुर्सियों और छतों के शेड तक में बड़े-बड़े छेद हो गए। इस अप्रत्याशित ओलावृष्टि से वाहनों और खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है।
इस बीच, गुरुवार रात करीब 11:30 बजे प्रदेशभर के नागरिकों के मोबाइल फोन पर ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’ का इमरजेंसी नोटिफिकेशन बजने से हड़कंप मच गया। यह आपातकालीन चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम द्वारा सीधे लोगों के हैंडसेट पर भेजी गई। अचानक आए इस तेज बीप वाले अलर्ट संदेश से आधी रात को लोग सहम गए।
इस जारी किए गए विशेष अलर्ट में हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों के लिए बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन मैदानी और मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में तेज गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने, भारी ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यधिक रफ्तार से विनाशकारी झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
दूसरी ओर, मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर दिया है। विभाग के मुताबिक, इन पर्वतीय जनपदों में बिजली गिरने, ओले पड़ने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आने की पूरी आशंका है। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने तथा पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है।









