
हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों का कारोबार करने वाले आधा दर्जन प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान डेयरी उत्पादों, पनीर, घी सहित अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और लेबलिंग की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से डेयरी कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति रही।
सहायक खाद्य आयुक्त अजब सिंह रावत के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा बाजार में अमानकीकृत एवं गैर-दुग्ध उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना था। निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में रखे गए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता के साथ ही उनके निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और लेबलिंग संबंधी मानकों की भी जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड, देहरादून की ओर से सात अगस्त 2026 को जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुपालन में चलाया गया। यह आदेश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत जारी किया गया है। आदेश के तहत ऐसे अमानकीकृत डेयरी एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का आभास कराते हैं।
निरीक्षण अभियान के दौरान नगर निगम हल्द्वानी क्षेत्र में बाजपुर से आ रहे एक वाहन से पनीर का एक नमूना और देसी घी का एक नमूना संग्रहित किया गया। दोनों नमूनों को गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक प्रतिष्ठान से गोवर्धन घी का नमूना संदेह के दृष्टिगत संग्रहित किया। इस नमूने को भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, एक अन्य डेयरी प्रतिष्ठान से मदर डेयरी घी का नमूना भी लिया गया और उसे परीक्षण के लिए भेजा गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि बाजार में बिकने वाले खाद्य एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। विशेष रूप से ऐसे उत्पादों पर नजर रखी जा रही है, जिनकी पैकेजिंग या प्रस्तुतीकरण से उपभोक्ताओं को उनके वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम हो सकता है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के मुताबिक प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेजिंग, लेबल, निर्माण एवं समाप्ति तिथि तथा अन्य आवश्यक विवरणों की जांच अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध खाद्य उत्पाद की जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।









