
8वें वेतन आयोग को लेकर देश भर के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 70 लाख पेंशनभोगियों के बीच उत्साह का माहौल है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर कब आएगा नया वेतन आयोग और क्या मिलेगा तोहफा? इस बीच कर्मचारी संगठनों की तरफ से कुछ ऐसे प्रस्ताव सामने आए हैं, जिन्हें अगर मंजूरी मिलती है, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये अभी मांगे हैं, जिन्हें सरकार ने अभी मंजूरी नहीं दी है।
फैमिली यूनिट का फॉर्मूला बदलने की मांग
अब तक 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 3 फैमिली यूनिट (कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चे) को आधार बनाया जाता था। लेकिन अब नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने इसे बढ़ाकर 5 फैमिली यूनिट करने की मांग की है। उनका तर्क है कि आज के दौर में कर्मचारी को अपने माता-पिता या सास-ससुर की भी आर्थिक जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। यदि यह फॉर्मूला बदला जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
भत्तों में होगी छप्पर फाड़ बढ़ोतरी
बेसिक सैलरी बढ़ने का मतलब है कि आपके हाथ में आने वाली कुल मासिक आय में भारी इजाफा। दरअसल, महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे सभी भत्ते बेसिक पे से सीधे जुड़े होते हैं। जैसे ही मूल वेतन बढ़ेगा, इन सभी भत्तों में अपने आप भारी वृद्धि हो जाएगी। वहीं, वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका ‘फिटमेंट फैक्टर’ की होती है। 7वें आयोग में यह 2.57 था, जिसे अब 3.833 करने का प्रस्ताव दिया गया है। अगर यह लागू हुआ, तो सभी पे-लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक बदलाव हो सकता है।
कब तक आ सकता है अंतिम फैसला?
फिलहाल 8वां वेतन आयोग विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़ा डेटा जुटाने में लगा है। आने वाले समय में कर्मचारी संगठनों के सुझावों पर सरकार गंभीरता से चर्चा कर सकती है। याद रखें, अभी तक सरकार ने न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इन सभी बिंदुओं को अभी सिर्फ संभावित प्रस्तावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जो भविष्य की राह तय कर सकते हैं।









