
सितारगंज। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित कार्यों में अनियमितता और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर पांच कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है।
वहीं, पांच अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रविवार को तहसीलदार हिमांशु जोशी ने पंडरी, बिथा अकबर समेत 11 मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर एसआईआर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कम प्रदर्शन वाले बूथों पर पहुंचकर बीएलओ से कार्य में आ रही समस्याओं और बाधाओं की जानकारी ली।
तहसीलदार ने बताया कि कई कर्मचारी निर्धारित समय तक बूथों पर उपस्थित नहीं मिले, जबकि कुछ कर्मचारी सौंपे गए कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे थे। ऐसे कर्मचारियों को पूर्व में कई बार चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन सुधार नहीं होने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी एसआईआर कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पांच कर्मियों का वेतन रोका
एसआईआर कार्य में लापरवाही पर प्रशासन की कार्रवाई
पांच कर्मचारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोका गया
पांच अन्य कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी
नानकमत्ता तहसील में एसआईआर कार्य की धीमी रफ्तार
खटीमा। जिले की नौ तहसीलों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों में नानकमत्ता तहसील सबसे पीछे चल रही है। कार्य में तेजी लाने के लिए रविवार को खटीमा तहसील सभागार में एसडीएम तुषार सैनी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एसआईआर ड्यूटी में तैनात सुपरवाइजरों और बीएलओ को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। नायब तहसीलदार नरेंद्र गहतोडी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र होने और कई मतदाताओं के घरों पर नहीं मिलने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। सभी कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से एसआईआर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।







