
बनबसा, 21 जून। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सशस्त्र बलों के जवानों, योग साधकों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शारदा की पावन भूमि पर क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करना उनके लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग मानसिक स्थिरता प्रदान करता है और व्यक्ति को सकारात्मक तथा सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली जैसी चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार के रूप में उभरा है। नियमित योग और प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि योग ने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का कार्य किया है।
उत्तराखंड को योग और अध्यात्म की भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके तहत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य शारदा नदी तट पर योग और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने बताया कि लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही शारदा कॉरिडोर परियोजना के तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सहयोग देंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना के जवानों के साथ “एक वृक्ष योग के नाम” अभियान के तहत बनबसा मिनी स्टेडियम परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मुख्यमंत्री सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आयुष सचिव रंजना राजगुरु, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, एसपी चम्पावत रेखा यादव, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी ऊधमसिंह नगर अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।







