फर्जी एनआईए अधिकारी बन साइबर ठगों ने बुजुर्ग को लगाया 13 लाख का चूना

साइबर क्राइम,

देहरादून। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी का मददगार बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 13 लाख रुपये की ठगी कर ली। खुद को एनआईए और एटीएस का अधिकारी बताने वाले ठगों ने कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पीड़ित से खाते में रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित जगदीश सिंह उसराथान ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार गीता एन्क्लेव, मोहब्बेवाला निवासी जगदीश सिंह उसराथान के मोबाइल पर 30 जुलाई को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को वरिष्ठ जांच अधिकारी राजेंद्र सिंह त्रिपाठी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ पुणे में दर्ज एक मामले में जांच चल रही है और उनका नाम लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी डॉ. ताहिर की मदद करने वालों में सामने आया है।

 

इसके बाद पीड़ित को वीडियो कॉल पर रखा गया और खुद को एनआईए और एटीएस के अधिकारी संदीप राव बताने वाले अन्य लोगों से भी बात कराई गई। ठगों ने पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट का गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्ती के आदेश दिखाकर डराया तथा सहयोग करने पर मामला जल्द निपटाने का झांसा दिया। इसके बाद उन्होंने पीड़ित से अपने सभी बैंक खातों, एससीएसएस और एफडी को भुनाने के लिए कहा। डरे-सहमे पीड़ित ने निर्देशों का पालन करते हुए करीब 15 लाख रुपये की राशि एकत्र की।

 

शिकायत के अनुसार इसमें से 13 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से एसके एंटरप्राइजेज के नाम पर कोटक महिंद्रा बैंक, चांदीवली (महाराष्ट्र) स्थित चालू खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। बाद में खुद के साथ ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पटेलनगर कोतवाली पहुंचकर शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों, कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों और लेनदेन के विवरण के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

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