जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने नए CDS, सैन्य सुधारों को देंगे नई दिशा

नभ और जल सेना) की ओर से संयुक्त ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।

 

नए सीडीएस का विजन: आत्मनिर्भरता और तीनों सेनाओं में तालमेल

देश की सुरक्षा को और अभेद्य बनाने के लिए जनरल सुब्रमणि ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं:

 

सशस्त्र बलों का एकीकरण: तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता (Jointness) और तालमेल को और मजबूत किया जाएगा।

स्वदेशीकरण की रफ्तार: देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारतीय हथियारों के तेजी से विकास, परीक्षण और सेना में शामिल करने पर विशेष फोकस रहेगा।

नवाचार (Innovation): आधुनिकीकरण को गति देने के लिए उन्होंने सभी विभागों से नए विचारों और आपसी सहयोग को बढ़ाने की अपील की है।

कल्याणकारी कार्य: सेना की परिचालन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

चार दशकों का शानदार सैन्य सफर

दिसंबर 1985 में प्रतिष्ठित ‘गढ़वाल राइफल्स’ से अपने सैन्य करियर की शुरुआत करने वाले जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को 40 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इस दौरान उन्होंने कई बेहद संवेदनशील और रणनीतिक पदों पर देश की सेवा की है:

 

कमांडिंग भूमिकाएं: वे द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं।

शीर्ष पद: वे भारतीय सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर भी काम कर चुके हैं।

हालिया जिम्मेदारी: सीडीएस का सर्वोच्च पद संभालने से ठीक पहले, वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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