फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के सहारे मिली नौकरी, शिक्षक निलंबित

रुद्रपुर। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) ने बाजपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बन्नाखेड़ा में कार्यरत सहायक अध्यापक सुधीर कुमार को कूटरचित यूटीईटी प्रथम-2023 के प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोप में निलंबित कर दिया है।

विभागीय जांच के दौरान सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) कार्यालय से प्राप्त अभिलेखों में बताया गया कि उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा प्रथम-2023 के अनुक्रमांक 1232601099 के अभ्यर्थी सुधीर कुमार परिषद के रिकॉर्ड में ‘नॉट क्वालीफाइड’ पाए गए हैं। इसके बावजूद नियुक्ति प्राप्त करने के मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में सुधीर कुमार को कार्यालय उप शिक्षा अधिकारी, विकास खंड बाजपुर से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच विभागीय स्तर पर जारी है।

बताया गया है कि वर्ष 2024 में नियुक्त हुए 210 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान 40 शिक्षकों के डीएलएड प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। इसी जांच के दौरान दो शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाण पत्रों में भी गड़बड़ी सामने आई थी। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने दोनों शिक्षकों को दो-दो बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक शिक्षक को पहले ही सेवा से टर्मिनेट किया जा चुका है।

डीईओ (प्रारंभिक शिक्षा) हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर बन्नाखेड़ा में कार्यरत सहायक अध्यापक सुधीर कुमार को निलंबित कर दिया। डीएलएड प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान दो शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।

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