ऋषिकेश में त्विषा शर्मा की अस्थियां प्रवाहित, परिजनों ने न्याय की लगाई गुहार

देश को झकझोर देने वाले त्विषा शर्मा हत्याकांड में मृतका की अस्थियां ऋषिकेश गंगा घाट पर विसर्जित की गईं। भावुक पिता ने दहेज कुप्रथा के खिलाफ ऐतिहासिक फैसले की मांग की है।

 

ऋषिकेश। देशभर में चर्चा का विषय बने चर्चित त्विषा शर्मा हत्याकांड में एक और भावुक कर देने वाला मोड़ सामने आया है। मृतका त्विषा शर्मा के परिजनों ने ऋषिकेश स्थित पावन गंगा में अपनी बेटी की अस्थियों का विसर्जन कर दिया है। इस दौरान घाट पर मौजूद त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा और अन्य स्वजन बेहद भावुक नजर आए। परिजनों ने नम आंखों से मां गंगा से अपनी बेटी की आत्मा की शांति और उसे जल्द से जल्द न्याय दिलाने की प्रार्थना की।

पिता नवनिधि शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी त्विषा को ऋषिकेश के शांत गंगा तट से बेहद गहरा लगाव था। वह जब भी यहां आती थी, तो गंगा किनारे एकांत में कई घंटे बिताना पसंद करती थी। बेटी की इसी पसंद और आत्मिक लगाव के कारण परिवार ने उसकी अस्थियों को ऋषिकेश के गंगा घाट पर ही विसर्जित करने का निर्णय लिया। इस दौरान पूरा माहौल बेहद गमगीन हो गया।

भावुक पिता ने कहा कि वह अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी अंतिम सांस तक कानूनी संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि त्विषा का ससुराल पक्ष बेहद रसूखदार और ताकतवर है, लेकिन उन्हें न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने देश की अदालतों से इस मामले में एक ऐसी ऐतिहासिक नजीर और कड़ा निर्णय पेश करने की मांग की, जो देश से दहेज जैसी कुप्रथा को हमेशा के लिए जड़ से समाप्त कर सके।

गौरतलब है कि त्विषा शर्मा की प्रेम विवाह के महज पांच महीने बाद ही संदिग्ध और बेहद दुखद परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद त्विषा के मायके वालों ने उसके पति और सास पर दहेज उत्पीड़न, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की संवेदनशीलता और जनभावनाओं को देखते हुए इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच फिलहाल एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही है।

पीड़ित परिवार ने देश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि आज त्विषा को न्याय दिलाने के लिए देशभर से जो जनसमर्थन मिल रहा है, उससे उनकी उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। आज भी समाज में कई बेटियां ससुराल में चुपचाप इस कुप्रथा का दंश झेल रही हैं। परिजनों को उम्मीद है कि इस मामले में ऐसा कड़ा फैसला आएगा जिससे भविष्य में किसी और मासूम बेटी को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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