
ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भव्य गंगा आरती में भाग लिया। देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल ऋषिकेश में श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को परमार्थ निकेतन घाट पहुंचकर विधिवत मां गंगा का पूजन किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने विश्व प्रसिद्ध भव्य गंगा आरती में सहभागिता करते हुए देश और प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
परमार्थ निकेतन घाट पर आयोजित इस भव्य आरती के दौरान माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, सुमधुर भजन-कीर्तन और सैकड़ों दीपों की अलौकिक छटा के बीच मुख्यमंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मां गंगा की आराधना की। इस दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने उत्तराखंड की निरंतर उन्नति, जनकल्याण और विश्व शांति के लिए मां गंगा से प्रार्थना की।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं और संत समाज को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर आना हमेशा एक अलौकिक और आत्मीय अनुभूति प्रदान करता है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि गंगा केवल एक नदी मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति, अटूट आस्था और सनातन परंपरा की एक जीवंत धारा है।
नितिन नबीन ने भारत की महान संत परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऋषियों-मुनियों ने हर कठिन परिस्थिति में समाज को सही दिशा दिखाने का काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। उत्तराखंड जैसी पवित्र देवभूमि हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है, जो पूरे देश को हमेशा प्रेरित करती है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने मुख्यमंत्री धामी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का घाट पर भव्य स्वागत किया। इस दौरान जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई वरिष्ठ संत, कैबिनेट मंत्री और देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।









