
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 की तैयारियां पूरी। 4 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, सीएम धामी टनकपुर से पहले दल को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना। पूरी जानकारी पढ़ें।
हल्द्वानी। उत्तराखंड में इस साल की ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 आगामी 4 जुलाई से शुरू होने जा रही है। कुमाऊं कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने हल्द्वानी कैंप कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक कर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन इस धार्मिक यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 5 जुलाई 2026 को टनकपुर टीआरसी से श्रद्धालुओं के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह पवित्र दल टनकपुर से लिपुलेख-गुंजी मार्ग के जरिए अपनी आगे की यात्रा तय करेगा। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार यात्रा के लिए कुल 10 दल रवाना किए जाएंगे। प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु शामिल होंगे और टनकपुर से शुरू होने वाली यह पूरी यात्रा 18 दिनों की होगी।
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पिथौरागढ़ और चंपावत के जिलाधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर गहन चर्चा की। मानसून के सीजन को देखते हुए बीआरओ (BRO) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को संवेदनशील रास्तों पर चौबीसों घंटे मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि भारी बारिश या भूस्खलन के कारण रास्ता बंद होता है, तो उसे तुरंत खोला जाएगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे यात्रा मार्ग पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष तैनाती की गई है। इसके साथ ही विषम परिस्थितियों में यात्रियों को रेस्क्यू करने के लिए विशेष हेलीकॉप्टर सेवा की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। सभी पड़ावों पर यात्रियों के ठहरने, शुद्ध पेयजल और भोजन के बेहतरीन इंतजाम किए जा रहे हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के अधिकारी लगातार सभी व्यवस्थाओं की जमीनी निगरानी कर रहे हैं।









