
नैनीताल। तल्लीताल क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से चल रही युवक की गुमशुदगी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला महज गुमशुदगी का नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई हत्या का निकला। पुलिस ने इस मामले में मृतक के ही तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मामूली विवाद के बाद अपने साथी को पहाड़ी से नीचे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया था।
मृतक दिनेश उपाध्याय उर्फ दीपक (33 वर्ष), जो अल्मोड़ा का निवासी था, भुजियाघाट के एक रिजॉर्ट में काम करता था। वह 22 अप्रैल को अपने दोस्त रोहित बिष्ट के साथ नैनीताल घूमने आया था। वहां उनकी मुलाकात कमल सिंह और रोहित सिंह बिष्ट से हुई। उसी रात शराब पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर चारों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि तीनों दोस्तों ने मिलकर दिनेश के साथ मारपीट की उसे सड़क से करीब 80 मीटर गहरी खाई में फेंक दिया।
दिनेश का परिवार 22 अप्रैल की रात से ही उससे संपर्क नहीं कर पा रहा था। 23 अप्रैल को होटल प्रबंधन ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच के दौरान जब संदेह के आधार पर आरोपी कमल से कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने सारा सच उगल दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दिनेश का शव गहरी खाई से बरामद किया, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
थानाध्यक्ष मनोज नयाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (हत्या) और 238 (साक्ष्य मिटाने) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में कमल सिंह बिष्ट, रोहित सिंह बिष्ट और रोहित बिष्ट शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या यह केवल उस वक्त के नशे और गुस्से का परिणाम था।
नैनीताल जैसे शांत पर्यटन स्थल पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर नशे के दुष्परिणामों और आपसी विवाद के घातक अंत को उजागर किया है।









