
हल्द्वानी। नैनीताल वन प्रभाग में वन्यजीव हमलों के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की ट्रेंकुलाइज टीम ने ज्योली क्षेत्र से एक नर बाघ को सफलतापूर्वक बेहोश कर पकड़ लिया, जिसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि पकड़ा गया बाघ ही आदमखोर है।जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में वन्यजीव हमलों में कई महिलाओं की मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते बुधवार को ही ज्योली गांव में जंगल में चारा लेने गईं 50 वर्षीय हेमा देवी को वन्यजीव ने हमला कर मार डाला था। ग्रामीणों को उनका शव जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में तैनात थी। मंगलवार रात घटनास्थल के पास बनाए गए मचान पर नैनीताल जू के पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांगती टीम के साथ मौजूद थे। देरशाम साढ़े सात बजे मचान के नीचे हलचल महसूस हुई। चारे के रूप में बांधे गए कटरे का शिकार करने के बाद जैसे ही बाघ उसे खाने लगा, करीब आठ बजे डॉ. पांगती ने ट्रैंकुलाइज गन से डार्ट दागा। करीब आधे घंटे की तलाश के बाद बाघ कुछ ही दूरी पर बेहोश अवस्था में मिला। डॉ. पांगती ने बताया कि पकड़ा गया बाघ एक वयस्क नर है, जिसे सुरक्षित रेस्क्यू कर रानीबाग रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के शव से लिए गए डीएनए सैंपल से मिलान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यही बाघ आदमखोर है या नहीं।









