हल्द्वानी के युवाओं को मिलेगा ग्लोबल करियर का प्लेटफॉर्म, CU यूपी में शुरू होगा एआई हब

हल्द्वानी। बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में अब केवल पारंपरिक डिग्रियां युवाओं के लिए पर्याप्त नहीं रह गई हैं। तकनीकी कौशल और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा ही भविष्य की सफलता की कुंजी बनती जा रही है। इसी दिशा में उत्तराखंड, विशेषकर हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश का एआई-ऑगमेंटेड स्मार्ट कैंपस युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और अवसर प्रदान करने की तैयारी में है।

हल्द्वानी में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. हिमांशु त्रिपाठी, डीन (साइंसेज़), चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन बेहतर तकनीकी संसाधनों और कॉर्पोरेट एक्सपोजर के अभाव में उन्हें बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था। अब छात्र अपने घर के नजदीक रहते हुए एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे भविष्य के क्षेत्रों में उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया है। इसके तहत गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम सहित 23 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू किए गए हैं, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ लाइव प्रोजेक्ट्स और वास्तविक कॉर्पोरेट अनुभव मिल सके। साथ ही 100 से अधिक कंपनियों की भागीदारी वाला कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड भी छात्रों को करियर मार्गदर्शन देगा।

सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय ने 68 नए प्रोग्राम शुरू किए हैं, जिनमें 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं। इसके अलावा 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं।

 

आर्थिक रूप से विभिन्न वर्गों के छात्रों को सहायता देने के लिए सीयूसीईटी-2026 के तहत 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप की भी घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय के अनुसार, पिछले सत्र में 2,000 से अधिक छात्रों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप का लाभ दिया गया।

इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहल भी शुरू की गई हैं। ‘कैम्पस टैंक’ के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को लगभग 50 करोड़ रुपये की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि सीयू यूपी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला एक परिवर्तनकारी मंच है, जिसका सीधा लाभ हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के छात्रों को मिलेगा।

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