
नैनीताल जिले के रामनगर में मानसून की दस्तक के साथ ही सांपों के आबादी वाले इलाकों में निकलने का सिलसिला तेज हो गया है. पिछले महज तीन दिनों में रामनगर और कॉर्बेट से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में घरों और आबादी के आसपास से 30 से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू किया गया. इनमें कोबरा, रसेल वाइपर, कॉमन करैत, धामन और अन्य प्रजातियों के सांपों के साथ करीब 18 फीट लंबा विशालकाय अजगर भी शामिल था. इन सभी सांपों को रेस्क्यू विशेषज्ञ चंदन कश्यप और उनकी टीम ने सुरक्षित तरीके से पकड़ा, जिसके बाद वन विभाग के सहयोग से इन्हें जंगल के प्राकृतिक आवास में आजाद कर दिया गया.
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से रामनगर क्षेत्र में पहले तेज गर्मी और उसके बाद हुई बारिश के कारण सांपों की गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं. बारिश के बाद सांप अपने प्राकृतिक ठिकानों से बाहर निकलकर भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, इसी के चलते ग्रामीण इलाकों में लगातार सांप निकलने की सूचनाएं रेस्क्यू टीम को मिल रही हैं. रेस्क्यू टीम से जुड़े अर्जुन कश्यप ने बताया कि मौसम में अचानक आए बदलाव और बारिश के कारण सांपों का मूवमेंट बढ़ा है.
बारिश का मौसम चल रहा है और इस दौरान आबादी वाले क्षेत्रों में सांपों के निकलने की सूचनाएं बढ़ जाती हैं. जैसे-जैसे सूचना मिल रही है, रेस्क्यू टीम और विभाग से जुड़े कर्मचारी लगातार सांपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर रहे हैं. हाल ही में करीब दो दर्जन से अधिक सांपों को वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से आजाद किया गया, जिनमें रसेल वाइपर, कोबरा, धामन और अजगर सहित कई प्रजातियां शामिल थीं. रेस्क्यू का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा,फिलहाल रामनगर में पिछले तीन दिनों में रेस्क्यू किए गए 30 से ज्यादा सांपों को आबादी से दूर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है.








